पाषाण-कालीन सभ्यता एवं संस्कृति

धरती का भूगोल एवं जलवायु, धरती पर जीव जगत का निवास संभव बनाते हैं। धरती का जन्म आग के गोले के रूप में हुआ जो धीरे-धीरे ठण्डा होता हुआ इतना ठण्डा हो गया कि उसमें जीव जगत का पनपना संभव हो गया। धरती पर मानव का पदार्पण एक लम्बी यात्रा है जो भू-पर्पटी के ठण्डे और पर्यावरण के गर्म होने के साथ-साथ आगे बढ़ी है।

SHARE THIS POST :